किसानों को अच्छी खबर मिली है। 1 फरवरी 2025 को पेश किए गए बजट में, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की लोन लिमिट को बढ़ाना घोषित किया। अब किसान KCC से 3 लाख रुपये की जगह 5 लाख रुपये का लोन ले सकेंगे।
यह निर्णय अगले वित्त वर्ष (2025–26) से प्रभावी होने की संभावना है। इस कदम से लगभग 7.75 करोड़ किसानों को लाभ मिलेगा। माना जाता है कि यह योजना देश के कृषि क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाने की दिशा में एक कदम है।
क्या किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) है?
किसानों को खेती के खर्चों के लिए आसानी से लोन देने वाली एक योजना किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) है। इसके तहत किसान अपनी दैनिक आवश्यकताओं, जैसे खाद, बीज और खेती, के लिए तुरंत धन निकाल सकते हैं।
1998 में KCC का उद्देश्य था किसानों को साहूकारों पर निर्भर न रहना पड़े। अब सरकार इस योजना को लगातार सुधार रही है ताकि अधिक से अधिक किसान इसका लाभ उठा सकें।
अब कम ब्याज पर अधिक लोन मिलेंगे
अब किसानों को बजट 2025 में घोषित नई सीमा के तहत 5 लाख रुपये तक का लोन मिल सकेगा। पहले सीमा तीन लाख रुपये थी।
सरकार ने इसके साथ ही इंटरेस्ट सबवेंशन स्कीम को भी मंजूरी दी है। योजना के तहत 3 लाख रुपये से अधिक का लोन लेने वाले किसानों को ब्याज पर 1.5 प्रतिशत की छूट मिलेगी।
किसानों को समय पर लोन चुकाने पर 3% की अतिरिक्त छूट मिलती है। यानी इन किसानों की प्रभावी ब्याज दर सिर्फ चार प्रतिशत रहती है। यह किसानों के लिए एक बड़ी राहत है क्योंकि इससे ब्याज का बोझ कम होगा।
सरकार का लक्ष्य: खेती में अधिक आय
सरकार चाहती है कि किसानों की कामकाजी पूंजी की जरूरतें आसानी से पूरी हो सकें। किसानों को अपने खेतों के लिए पैसे जुटाने में अब कोई परेशानी नहीं होगी, यानी।
यह फैसला कृषि क्षेत्र में क्रेडिट फ्लो, यानी कर्ज के प्रवाह में मदद करेगा, वित्त मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है। इससे कृषि क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा और किसानों की आय बढ़ेगी।
क्या लाभ होगा अगर किसान समय पर लोन चुका दे?
किसानों को समय पर लोन चुकाने पर ब्याज में छूट मिलती है। सरकार ने पहले ही घोषणा की है कि समय पर लोन चुकाने वाले किसानों को 3 प्रतिशत की ब्याज सब्सिडी मिलेगी।
यानि किसान समय पर लोन दे सकता है और ब्याज में अच्छा पैसा बचा सकता है। इससे उनकी आर्थिक हालत भी सुधरेगी।
वर्तमान में किसानों को कितना लोन मिल रहा है?
देश में वर्तमान में 7.71 करोड़ सक्रिय KCC खाते हैं। हर किसान औसतन 1.6 लाख रुपये तक का शॉर्ट टर्म लोन प्राप्त करता है।
RBI ने लगभग एक साल पहले बिना गारंटी वाले लोन की सीमा को 1.6 लाख से बढ़ाकर 2 लाख कर दिया था। अब नई सीमा आने से किसानों को अधिक राहत मिलेगी।
पशुपालकों और मत्स्य पालकों को भी लाभ
बजट 2025 में खेती, मछली पालन (फिशरीज) और डेयरी क्षेत्र से जुड़े लोगों को भी शामिल किया जाएगा।
इन क्षेत्रों में काम करने वाले किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 5 लाख रुपये तक का लोन भी मिलेगा। दूध उत्पादन, मछली व्यवसाय और अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में वृद्धि भी इससे होगी।
खाद्य तकनीकी संस्थान से बिहार का तोहफा
बजट 2025 में बिहार का खास महत्व है। बिहार में, वित्त मंत्री ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी का उद्घाटन किया है।
राज्य के किसानों, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग और युवा लोगों को इससे रोजगार मिलेगा। साथ ही देश भर में खाद्य व्यवसाय को नई दिशा मिलेगी।
यूरिया प्लांट किसानों को लाभ देगा
साथ ही, वित्त मंत्री ने कहा कि नए यूरिया प्लांट लगाए जाएंगे ताकि किसानों को कम मूल्य पर यूरिया मिल सके। सस्ता यूरिया कृषि में कम खर्च और अधिक मुनाफा देता है।
यह कदम खासकर उन क्षेत्रों में मदद करेगा जहां खाद की कमी है। सरकार चाहती है कि हर किसान को समय पर खाद मिले और खेती निरंतर चलती रहे।
नवीनतम लक्ष्य और कार्यक्रम
बजट 2025 में सरकार ने खेती से जुड़े अनेक कार्यक्रम भी घोषित किए हैं।
- उच्च उपज वाले बीजों को प्रोत्साहित करने का राष्ट्रीय मिशन:किसानों को बेहतर और नई किस्मों का बीज देना इस कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य होगा।
- कपास उत्पादन के लिए पांच वर्षीय लक्ष्य:इसका उद्देश्य देश में कपास उत्पादन को बढ़ाना और किसानों की आय को बढ़ाना है।
- मछली पालन में निरंतर उपयोग का परियोजना:इस परियोजना की शुरुआत ईजेड क्षेत्रों में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए की जाएगी।
इन योजनाओं का लक्ष्य है कि कृषि क्षेत्र का दायरा बढ़ाया जाए और कृषि क्षेत्र में काम करने वाले लोगों की आय बढ़ाई जाए।
खेती में मखाना पर विशेष ध्यान
बिहार के लिए एक अतिरिक्त सौदा मिल गया है— मखाना बोर्ड का निर्माण।
बिहार में मखाना की खेती बहुत लोकप्रिय है, लेकिन किसानों को अभी तक इसका पूरा फायदा नहीं मिल पाया है। बिहार के मखाना किसान अब तकनीकी और वित्तीय सहायता पा सकेंगे क्योंकि नया बोर्ड बना है।
इससे मखाना किसानों की आय बढ़ेगी और स्थानीय लोगों को नौकरी मिलेगी।
किसानों का लाभ कैसे प्राप्त करें— आसान उपाय
किसान क्रेडिट कार्ड का आवेदन अब और भी आसान हो गया है। किसान चाहे तो ऑनलाइन या नजदीकी बैंक शाखा में जाकर भी आवेदन कर सकते हैं।
आवेदन करने की प्रक्रिया:
- KCC फॉर्म किसी भी बैंक शाखा या आधिकारिक वेबसाइट पर भरें।
- फॉर्म भरकर आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी सहित आवश्यक दस्तावेजों को संलग्न करें।
- बैंक की जांच के बाद कार्ड जारी करता है।
- कार्ड मिलने में आम तौर पर 15 से 20 दिन लगते हैं।
किसान इस कार्ड की मदद से अपनी खेती की आवश्यकताओं के लिए आसानी से धन निकाल सकते हैं।
किसानों की जेब में मुस्कान आ जाएगी
किसान हितैषी बजट 2025 है। सरकार का दावा है कि करोड़ों किसानों को नई योजनाओं और KCC लोन लिमिट में बढ़ोतरी से सीधे लाभ मिलेगा।
कृषि मंत्रालय ने कहा कि अब मंझोले और छोटे किसान भी आसानी से वित्तीय सहायता पा सकेंगे। यह परिवर्तन देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बनाएगा।
सोशल मीडिया पर किसान योजनाओं की चर्चा
बजट के बाद सोशल मीडिया पर #Budget2025 और #KisanCreditCard हैशटैग ट्रेंड करने लगे। हजारों किसानों ने सरकारी निर्णय को सराहना किया।
कई लोगों ने इसे “किसानों के लिए नया युग” कहा। इससे विशेष रूप से युवा किसानों और उद्यमियों में काफी उत्साह दिखाई देता है।
नई लोन सीमा क्या प्रभावित करेगी?
नई KCC सीमा से किसानों को ये महत्वपूर्ण फायदे मिलेंगे:
- खेती की पूंजी प्राप्त करना सरल होगा।
- बजट में राहत से बचत होगी।
- समय पर भुगतान करने वाले किसानों को अधिक छूट मिलेगी।
- सरकारी कार्यक्रमों तक आसानी से पहुँच मिलेगी।
- ग्रामीण अर्थव्यवस्था मज़बूत होगी।
इन फायदों से देश के छोटे किसानों की आर्थिक स्थिति पहले से ही सुधरेगी।
उत्कर्ष
भारतीय किसानों को बजट 2025 से नए अवसर मिलेंगे। किसानों की आय बढ़ाने के मजबूत प्रयासों में किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा बढ़ाना, ब्याज में छूट देना और कृषि क्षेत्र में नई योजनाएं लाना शामिल हैं।
यदि सरकार अपना वादा समय पर पूरा करती है, तो देश के खेतों में जल्द ही खुशहाली और फसलें भी खिलेंगी।