महाराष्ट्र निकाय चुनाव के परिणाम सामने आए हैं। बीजेपी और शिंदे गुट की शिवसेना ने जीत हासिल की। उनके पास 29 में से 23 नगर पालिकाएं थीं। BMC भी उनका था। राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे हार गए। देवेंद्र फडणवीस का प्रभाव बढ़ा। ये चुनाव शहरी क्षेत्रों में बहुत बड़े थे। बीजेपी के साथ लोग विकास के नाम पर आए। दस विशिष्ट बातें जानें। ये परिणाम महाराष्ट्र की राजनीति को प्रभावित करेंगे।
1. महायुति की BMC में बड़ी जीत, लेकिन मेयर पर विवाद
BMC में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन ने 118 सीटें जीतीं। BMC में 227 सीटें हैं। बीजेपी ने ९९ सीटें जीतीं। शिवसेना को 29 ये निश्चित रूप से बहुमत है। लेकिन मेयर के पद पर अब विवाद है। एकनाथ शिंदे ने कहा कि हम मेयर बनेंगे। बीजेपी सदस्य विचार कर रहे हैं। यह विवाद हल होगा या नहीं? महायुति अब मुंबई की सबसे अमीर नगरपालिकाओं में से एक है। लोग प्रसन्न हैं। विकास की प्रतिज्ञा पूरी होगी।
2. ठाकरे बंधुओं की उम्मीद टूटी
राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे ने एक दूसरे से हाथ मिलाया। वे अस्मिता और मराठी भाषा पर लड़े। लेकिन वे हारे। Shiv Sena (UBT) को 65 सीटें मिली। एमएनएस केवल 6। इन दोनों की कमजोरी साबित हुई। इन्हें महायुति ने पीछे छोड़ दिया। ठाकरे वाले चिंतित हैं। उनका कार्यक्रम असफल रहा। अब वे क्या गलती हुई?
3. 23 महानगरों पर महायुति का अधिकार
महाराष्ट्र में 29 नगर निगम हैं। 23 में से बीजेपी और सहयोगी विजेता रहे। पुणे, पिंपरी-चिंचवड़, नागपुर, नवी मुंबई, ठाणे और कल्याण-डोंबिवली क्षेत्रों में शामिल हैं। जलगांव, सांगली, जालना, धुले भी थे। BJP का यह सबसे बड़ा प्रदर्शन है। शहरी क्षेत्रों में उनकी पकड़ मजबूत हुई। पक्ष बदल गया।
4. पुणे-पिंपरी में पवार भाई को पराजित किया गया
अजित पवार और शरद पवार ने एकजुट हो गया। एनसीपी के दो गुटों ने संघर्ष किया। लेकिन बीजेपी को पुणे में 96 सीटें मिलीं। पिंपरी-चिंचवड़ में भी पिछड़ गया। पवार फैक्टर असफल रहा। BJP ने बड़ी जीत हासिल की। लोगों ने बदलाव चाहा। पवार वाले विचार करने लगे।
5. नागपुर जीत
नागपुर से देवेंद्र फडणवीस हैं। BJP ने 151 में से 102 सीटें जीतीं। कांग्रेस बुरी तरह हार गई। फडणवीस हंसते हैं। उनका साख बढ़ा। गृह जिले में ये जीत महत्वपूर्ण है। अब उनकी शक्ति बढ़ी है।
6. पहचान का प्रश्न विकास ने हल किया
बीजेपी ने कहा कि मेट्रो, कोस्टल रोड और सड़कें होंगी। बुनियादी कार्यों और जल आपूर्ति पर चर्चा की। लोग खुश थे। ठाकरे ने मराठी अस्मिता की रक्षा की। लेकिन विकास काफी था। डबल इंजन सरकार ने कामयाब रहा। PM मोदी का नाम चर्चा में आया। शहरी मतदाताओं ने विकास को चुना।
7. कांग्रेस भी बदतर है
कांग्रेस ने कुछ शहरों में चुनाव लड़ा। लातूर में विजयी हुई। कोल्हापुर में संघर्ष किया। लेकिन मुंबई में केवल 24 सीटें हैं। पार्टी इससे चिंतित है। प्रदर्शन अच्छा नहीं था। अब वे योजनाएं बनाएंगे।
8. AIMIM ने 95 सीटें हासिल कीं।
AIMIM के सदुद्दीन ओवैसी ने 95 सीटें जीतीं। BMC में आठ सीटें हैं。 छोटे-छोटे दल भी लड़े। लेकिन सत्ता में उनका योगदान कम है। वे नोटिस में दिखाई दिए।
9. मोदी-शाह की प्रशंसा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुश हैं। अमित शाह ने सुशासन की जीत बताया। विकास नीतियों को रोक दिया गया। महाराष्ट्र के लोगों को धन्यवाद। एनडीए ने इसे बड़ा जनादेश बताया। दोनों ने ट्वीट किया था।
10. महायुति से ही मेयर होगा
फडणवीस ने कहा कि हम BMC और अन्य निगमों के मेयर हैं। पर मुंबई में किसका? भाजपा या शिवसेना? बाद में निर्णय होगा। महायुति दृढ़ दिखती है।
निकास: भविष्य की राजनीति
ये चुनाव बताते हैं कि बीजेपी ने महाराष्ट्र के शहर जीते हैं। विपक्ष को विचार करना होगा। 2029 में महायुति के लिए तैयार हो जाओ। विकास जारी रहेगा। शहरी राजनीति में परिवर्तन हुआ है। फडणवीस और शिंदे विजेता ठाकरे हार गए। अब देखते हैं, आगे क्या होगा?