परिचय: पाकिस्तान फिर भड़का
पाकिस्तान ने भारत को चेतावनी दी है। वह कहता है कि चिनाब, झेलम और नीलम नदियों पर कोई काम हुआ तो गड़बड़ हो जाएगी। सिंधु जल संधि अभी भी चलेगी, कहता है पाकिस्तान। लेकिन भारत ने इसे रोक दिया था। यह खबर 8 जनवरी 2026 की है। पाकिस्तान का विदेश मंत्रालय चिल्ला रहा है। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पाकिस्तान को बुरा पड़ोसी कहा है। आइए पूरी बात समझें।
सिंधु जल संधि क्या है?
सिंधु जल संधि 1960 में बनी थी। भारत और पाकिस्तान ने नदियों का पानी बांटा। पूर्वी नदियां भारत को मिलीं। पश्चिमी नदियां पाकिस्तान को। चिनाब, झेलम और नीलम पश्चिमी नदियां हैं। पाकिस्तान इन्हें अपना मानता है। भारत इन पर डैम या प्रोजेक्ट बना सकता है, लेकिन सीमा में। संधि कहती है कि दोनों देश चेक करेंगे। लेकिन अब झगड़ा बढ़ गया।
पाकिस्तान डरता है। भारत अगर इन नदियों पर काम करेगा, तो पानी कम हो जाएगा। किसान परेशान होंगे। इसलिए पाकिस्तान चिल्ला रहा है।
पाकिस्तान की नई चेतावनी
गुरुवार को पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने बयान दिया। प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा। चिनाब, झेलम और नीलम पर कोई प्रोजेक्ट बनेगा तो जांच होगी। सिंधु जल संधि के तहत। हमारा सिंधु जल आयुक्त ने चिनाब पर पत्र लिखा है।
अंद्राबी ने कहा, “अगर झेलम और नीलम में काम हुआ तो हम भारत से बात करेंगे। सिंधु आयुक्त स्तर पर। राजनीतिक स्तर पर भी। अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी।” पाकिस्तान बौखला गया है। भारत ने संधि रोकी तो घबरा गया। अब गीदड़भभकी दे रहा है।
भारत चुप नहीं बैठा। विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा। पाकिस्तान आतंकवाद चलाता है। दशकों से। भारत को अपने लोगों की रक्षा का हक है।
पहलगाम हमले के बाद भारत का कदम
पिछले साल 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकी हमला हुआ। कई लोग मारे गए। भारत ने पाकिस्तान को सजा दी। कई कदम उठाए। सिंधु जल संधि को सस्पेंड कर दिया। पानी का बहाव रोका। पाकिस्तान को सबक सिखाया।
अब पाकिस्तान रो रहा है। वह कहता है संधि बाध्यकारी है। रोकने का कोई नियम नहीं। लेकिन भारत ने रोक दिया। क्यों? क्योंकि पाकिस्तान आतंकवाद करता है। जयशंकर ने कहा, “बुरे पड़ोसी हैं हमारे। जानबूझकर आतंकवाद फैलाते हैं। बिना शर्म के।”
चिनाब-झेलम पर क्या हो रहा है?
चिनाब नदी पर भारत प्रोजेक्ट बना रहा है। पाकिस्तान को डर लगता है। झेलम और नीलम भी। ये नदियां पाकिस्तान में जाती हैं। पानी कम हुआ तो फसलें सूखेंगी। पाकिस्तान कहता है, हर प्रोजेक्ट जांच के दायरे में।
हम उठाएंगे बात। राजनयिक तरीके से। अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में भी। लेकिन भारत कहता है, आतंकवाद बंद करो पहले। संधि चलेगी तभी।
जयशंकर का सख्त बयान
इस साल की शुरुआत में जयशंकर ने पाकिस्तान को लताड़ा। कहा, बुरा पड़ोसी हो तुम। आतंकवाद के ट्रेनिंग कैंप चलाते हो। भारत सहन नहीं करेगा। अपने लोगों की रक्षा करेंगे।
पाकिस्तान ने जयशंकर के बयान को खारिज किया। अंद्राबी ने कहा, झूठ बोलते हो। लेकिन सब जानते हैं। पाकिस्तान आतंकवाद का पिता है।
अफगानिस्तान पर पाकिस्तान का बयान
पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की बात भी की। अंद्राबी ने कहा, आतंकवाद छोड़कर कोई मुद्दा नहीं। पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच सब ठीक। लेकिन दुनिया जानती है। तालिबान को पाकिस्तान मदद करता है।
भारत चुपचाप देख रहा है। लेकिन कार्रवाई करेगा।
भारत का पक्ष मजबूत क्यों?
भारत के पास मजबूत तर्क हैं। आतंकवाद रोकना जरूरी। पानी का हक भी। संधि दो देशों के बीच है। पाकिस्तान उल्लंघन करता है तो भारत रोकेगा।
विशेषज्ञ कहते हैं। भारत सही है। चिनाब पर काम तेज करो। पाकिस्तान को सबक दो। नदियां भारत की हैं। पानी भारत का।
पाकिस्तान क्यों घबरा रहा?
पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था कमजोर। पानी पर निर्भर। सिंधु नदियां जीवनरेखा। भारत अगर डैम बनाएगा तो पानी रुकेगा। बिजली बनेगी भारत में। पाकिस्तान सूखा पड़ेगा।
पाकिस्तान चिल्लाता है। लेकिन ताकत नहीं। अंतरराष्ट्रीय मदद मांगेगा। लेकिन कौन सुनेगा? आतंकवादी देश को।
भविष्य में क्या होगा?
अभी संधि सस्पेंड है। भारत काम शुरू करेगा। पाकिस्तान धमकी देगा। लेकिन भारत मजबूत। सेना तैयार। कूटनीति तेज।
जयशंकर कहते हैं। आतंकवाद बंद करो। पड़ोसी अच्छे बनो। तभी संधि चलेगी। पाकिस्तान सुनेगा या नहीं? देखते हैं।
निष्कर्ष: भारत सावधान रहे
यह झगड़ा लंबा चलेगा। भारत को सतर्क रहना चाहिए। पानी का हक लो। आतंकवाद रोकने का हक लो। पाकिस्तान की धमकियां खाली हैं। भारत जीतेगा।