पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में एक बार फिर भयानक खबर आई। शहर के तरलाई क्षेत्र में एक इमामबाड़े में हुए आत्मघाती धमाके ने कई घरों की खुशियों को नष्ट कर दिया। बड़ी संख्या में लोग वहां मौजूद थे जब यह धमाका हुआ। इस हमले में कम से कम ३१ लोग मारे गए हैं और १६० से अधिक घायल हुए हैं। पूरे क्षेत्र में धमाका हुआ। पुलिस, राहतकर्मी और प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। इस हमले की देश के प्रधानमंत्री से लेकर दुनिया भर में निंदा की जा रही है।
धमाका कैसे हुआ?
इस्लामाबाद के तरलाई इलाके में इमामबारगाह खदीजतुल कुबरा में यह दर्दनाक घटना हुई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अचानक एक तेज धमाका हुआ। तुरंत धुआं, आग और चीख-पुकार फैल गए। लोगों को पता नहीं चला कि क्या हुआ। पुलिस ने कहा कि यह आत्मघाती हमला था। माना जाता है कि हमलावर ने इमामबाड़े के अंदर या आसपास एक विस्फोट से खुद को उड़ा लिया।
ध्वनि इतनी तेज थी कि आसपास के घरों के शीशे टूट गए। बहुत से लोग जमीन पर गिर गए। कुछ लोग गंभीर घायल हुए। वहां उपस्थित लोग अपने दोस्तों और परिवार को खोजने लगे। हर जगह दुःख और भय था।
मरने वाले और घायल व्यक्तियों की स्थिति
इस हमले में अब तक ३१ लोगों की मौत हुई है। जिला प्रशासन ने बताया कि 15 लोगों को मृत अवस्था में अस्पतालों में लाया गया था। बाकी लोग मौके पर ही मर गए। 160 से अधिक लोग घायल हो गए हैं। इनमें से कई की हालत गंभीर है।
इस्लामाबाद के तीन प्रमुख अस्पतालों में घायलों को भर्ती कराया गया है। सभी अस्पतालों में इमरजेंसी व्यवस्था लागू है। इलाज के लिए नर्स और चिकित्सक लगातार काम करते हैं। कुछ घायलों को इलाज करना पड़ा। प्रशासन ने बताया कि सभी घायलों को पूरी सहायता दी जा रही है।
सुरक्षा और बचाव कार्य
धमाके के तुरंत बाद, बचाव टीम 1122 मौके पर पहुंची। एंबुलेंस से घायलों को अस्पताल ले जाया गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि एंबुलेंस आने में देर हुई। आम लोगों ने घायलों को अपने वाहनों से अस्पताल भेजा।
पुलिस ने पूरे क्षेत्र को घेर लिया है। बम निरोधक दल ने भी मौका देखा। विस्फोटक कहीं और नहीं है, ऐसा लगता है। IGP इस्लामाबाद ने शहर में आपातकाल घोषित किया है। सुरक्षा और कड़ी हो गई है।
प्रत्यक्षदर्शियों से देखा
इमामबाड़े के निवासी मोहम्मद अशफाक ने बताया कि वह आग लगते ही घर से भाग गए। तब उन्हें पता चला कि इमामबाड़े में बहुत गलत बात हुई है। उनका कहना था कि घायल लोग चारों ओर पड़े थे। किसी का हाथ या पैर नहीं था। यह भयानक मंजर था।
साथ ही, अशफाक ने बताया कि इमामबाड़े के बाहर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने बताया कि तीन हमलावर थे। कुछ सुरक्षा कर्मियों ने भी चोट लगी। घायलों को लोगों ने तुरंत बचाया। कई लोगों ने अपने जीवन की परवाह किए बिना दूसरों को बचाने का प्रयास किया।
सरकार का उत्तर
हमले के बाद सरकार ने तुरंत कार्रवाई की। गृह राज्य मंत्री तलाल चौधरी ने प्रधानमंत्री मोहसिन नकवी के निर्देश पर इस्लामाबाद के पीआईएमएस अस्पताल में प्रवेश किया। वहां भर्ती घायलों से उनकी मुलाकात हुई। उनका निर्देश था कि डॉक्टरों को इलाज में कोई कमी नहीं होनी चाहिए।
तलाल चौधरी ने कहा कि सरकार घायलों को सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा उपचार प्रदान कर रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि दोषियों को कभी नहीं बख्शा जाएगा। जांच जल्दी हो रही है।
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ़ ने एक बयान दिया
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ़ ने इस आत्मघाती हमले की कड़ी निंदा की है। उनका कहना था कि यह हमला अत्यंत दुखद और शर्मनाक था। प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। उनका कहना था कि इस कठिन समय में सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है।
प्रधानमंत्री ने गृहमंत्री को पूरी घटना की जांच करने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि हमले में शामिल लोगों की पहचान कर सख्त सजा दी जाएगी। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि किसी को भी देश की स्थिति बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
जांच और सुरक्षा पर प्रश्न
इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर फिर से प्रश्न उठ रहे हैं। राजधानी जैसे सुरक्षित शहर पर ऐसा हमला चिंता का विषय है। लोग पूछ रहे हैं कि हमलावर इमामबाड़े तक कैसे पहुँचा। क्या सुरक्षा कमी थी? इन सभी प्रश्नों का उत्तर पुलिस और जांच एजेंसियां खोजने में लगी हैं।
फिर भी, इस हमले को किसी संगठन ने नहीं बताया है। Investigator सीसीटीवी फुटेज देख रहे हैं। साथ ही मोबाइल फोन और अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि जल्द ही सच्चाई सामने आ जाएगी।
ईरान का उत्तर
इस हमले की दुनिया भर में निंदा हुई है। ईरान ने इमामबाड़े में हुए इस आत्मघाती हमले की घोर निंदा की है। इस्लामाबाद में ईरान के राजदूत ने कहा कि यह हमला बहुत भयानक है। उनका दावा था कि इस हमले में निर्दोष लोग मारे गए।
ईरानी राजदूत ने पाकिस्तान की जनता और सरकार के प्रति संवेदना व्यक्त की। उनका कहना था कि ईरान इस कठिन समय में पाकिस्तान के साथ खड़ा है। साथ ही, वे घायलों के जल्द ही स्वस्थ होने की कामना करते थे।
आम लोगों में भय और क्रोध
आम लोग इस घटना के बाद भयभीत हैं। लोगों को अपने बच्चों और परिवार की सुरक्षा की चिंता है। बहुत से लोग गुस्से में हैं। उनका दावा है कि ऐसे हमले अक्सर क्यों होते हैं। लोग सुरक्षा और शांति चाहते हैं।
इस घटना पर भी लोग सोशल मीडिया पर गुस्सा जता रहे हैं। मरने वालों के लिए कई लोग दुआ कर रहे हैं। कुछ लोगों ने सरकार से कठोर कार्रवाई की मांग की है।
भविष्य में क्या होगा?
हालाँकि, शहर की सुरक्षा बढ़ी है। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस बल बढ़ा दिया गया है। धार्मिक स्थानों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार ने ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नए उपाय बताए हैं।
यह हमला इस्लामाबाद ही नहीं, पूरे देश के लिए एक चेतावनी है। निर्दोष लोगों की मृत्यु दुखद है। अब सबकी नजर जांच में क्या हुआ और दोषियों को कब सजा मिलेगी।
उत्कर्ष
इस्लामाबाद के तरलाई इलाके में हुआ यह आत्मघाती हमला बहुत नुकसान पहुंचा है। 31 लोगों की मौत और सैकड़ों घायलों की पीड़ा शब्दों में व्यक्त करना कठिन है। यह घटना हमें शांति की मूल्य की याद दिलाती है। आतंकवाद के खिलाफ अब एकजुट होने की जरूरत है। पीड़ित परिवारों को न्याय मिला और ऐसा दुःखद दिन फिर कभी नहीं हुआ।