भारतीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि देश को ऐसे बड़े बैंकों की जरूरत है जो दुनिया के सबसे बड़े बैंकों से मुकाबला कर सकें। SBI देश का सबसे बड़ा बैंक है। अब सरकार दो सरकारी बैंकों को एकजुट कर भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के बाद दूसरा सबसे बड़ा बैंक बनाने की योजना बना रही है। लाखों ग्राहकों के लिए यह बड़ी खबर है। आपके पैसे का क्या होगा? पासबुक या चेकबुक में क्या बदलाव होगा? आइए सरल शब्दों में पूरी बात जानें।
कौन से दो बैंक मर्ज होंगे?
सरकार बैंक ऑफ इंडिया और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया को एक करने की योजना बना रही है। दोनों बैंकों की राजधानी मुंबई है। UBI यूनियन बैंक ऑफ इंडिया है। India Bank को BOI। लंबे समय से उनका मर्जर चर्चा में है। मर्जर के बाद एक नया बड़ा बैंक बनाया जाएगा। 25.5 करोड़ लोग इसे खरीदेंगे। SBI के ग्राहकों की संख्या थोड़ी अधिक है। सरकार बड़े बैंकों को बनाना चाहती है और छोटे बैंकों को खत्म करना चाहती है। इससे बैंकों को बल मिलेगा।
मरम्मत कब होगी? क्या काम चल रहा है?
सरकार इस प्रस्ताव पर तेजी से काम कर रही है। अभी कोई स्पष्ट तिथि नहीं दी गई है। लेकिन सूचनाओं के अनुसार, तैयारी जोरों पर है। केंद्रीय बैंक मंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि बड़े बैंकों से भारत मजबूत होगा। छोटे बैंकों को एकत्र करके वैश्विक स्तर पर संघर्ष किया जा सकेगा। इसी योजना में यूनियन बैंक और बैंक ऑफ इंडिया का मर्जर शामिल है। बैंक घाटे कम हो जाएंगे। NPA, यानी खराब लोन, कम हो जाएगा। बैंक अधिक सक्षम होंगे।
बैंकों के विलय से पहले क्या लाभ मिला?
इससे पहले कोई मौका नहीं था। 2017 से 2020 के बीच, सरकार ने 10 सरकारी बैंकों को एकत्रित किया था। चार प्रमुख बैंक बन गए। भारतीय स्टेट बैंक ने छह छोटे बैंकों को एक साथ मिलाया। देश में 27 सरकारी बैंकों से 12 रह गए। इससे क्या मिला? बैंकों का खर्च घट गया। चलाने की लागत कम हुई। NPA कम हुए हैं। बड़े बैंकों ने नई तकनीक प्राप्त की। छोटे बैंकों ने अत्याधुनिक सुविधाएं प्राप्त कीं। अब अधिक प्रतिस्पर्धा होगी। ग्राहकों को लाभ मिलेगा। सेवाओं में सुधार होगा।
बैंकों को मर्जर से क्या लाभ मिलेगा?
बड़े बैंकों की स्थापना से कई लाभ होंगे। पहले, लागत कम होगी। छोटे-छोटे बैंकों का संचालन खर्चीला होता है। मर्जर लागत कम करेगा। दूसरा, बुरे लोन (NPA) कम होंगे। तीसरे, प्रौद्योगिकी मजबूत होगी। नए ऐप्स और सेवाओं को बड़े बैंकों ने शुरू कर सकेंगे। चौथा, उपभोक्ताओं को अधिक विकल्प मिलेंगे। बैंक आपस में प्रतिस्पर्धा करेंगे। इससे ब्याज दरों में सुधार होगा। लोन सस्ता होगा। कुल मिलाकर, बैंक मजबूत होंगे। सरकारी लक्ष्य यही है।
ग्राहकों का क्या प्रभाव होगा? क्या धन सुरक्षित रहेगा?
यह सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न है। आपके पैसे का क्या होगा अगर आप मर्जर करेंगे? चिंता मत करो। आपके धन सुरक्षित रहेगा। फिक्स्ड डिपॉजिट या सेविंग अकाउंट पर ब्याज वही मिलेगा। कार लोन या होम लोन में कोई बदलाव नहीं है। लेकिन कुछ बातें बदल जाएगी। ब्रांच बदल सकता है। इसलिए आपको नई पासबुक और चेकबुक बनानी होगी। IFSC कोड में भी बदलाव हो सकता है। आपको शायद बैंक जाना पड़े। थोड़ा कागज काम होगा। लेकिन सुविधाएं अधिक होंगी। ATM अधिक होंगे। एप बेहतर होगा।
क्या ग्राहकों को नए लाभ मिलेंगे?
ग्राहकों को मरम्मत से बहुत लाभ मिलेगा। सब सेवाएं एक बैंक में मिल जाएंगी। अधिक ब्रांच होंगे। लोन आसानी से प्राप्त होंगे। डिजिटल बैंकिंग बहुत जल्दी होगा। ग्राहक सेवा सुधरेगी। पहले छोटे-छोटे बैंक थे। अब यह एक बड़ा बैंक बन जाएगा। SBI की तरह दुनिया भर में उसके नाम होंगे। ग्राहकों को खुशी होगी। प्रतिस्पर्धा ब्याज दरों को बढ़ा देगी। लोन EMI घट सकता है। कुल मिलाकर, जीवन सुगम होगा।
सरकार ने यह कदम क्यों उठाया?
धनमंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट रूप से कहा। भारत को विश्व बैंक चाहिए। अंतरराष्ट्रीय बैंक बड़े हैं। हमारे बैंक का आकार छोटा है। मर्जर हमें मजबूत करेगा। छोटे बैंकों को अधिक घाटा हुआ। NPA एक मुद्दा था। सब मरम्मत हो जाएगा। सरकार बारह बैंकों पर ध्यान देगी। शेष छोटे टुकड़े इससे अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा। निवेशकों को खुशी होगी। स्टॉक मार्केट भी प्रभावित होगा। यूनियन बैंक और BOI के शेयरों पर निगरानी रखी जाएगी।
पहले विलय क्या सिखाया?
पिछले मर्जर शानदार रहे। SBI और भी बड़ा हुआ। उसके ग्राहक की संख्या बढ़ी। सेवाओं की गति तेज हुई। दूसरे बैंकों ने भी लाभ उठाया। PNB और Canara Bank मजबूत हो गए। NPA घट गया। अब BOI और Union numbers। दोनों दिल्ली में हैं। उन्हें मर्जर करना आसान होगा। 25.5 करोड़ ग्राहक यह बड़ा बैंक बहुत दुर्लभ है। SBI के बाद दूसरा नंबर। यह बैंक विश्वस्तर पर चमकेगा।
ग्राहक क्या करना चाहिए?
मर्जर घोषित होने पर सतर्क रहें। बैंक एसएमएस भेजेगा। ऐप पर एक नोटिफिकेशन मिलेगा। नवीनतम पासबुक बनाएँ। चेकबुक में बदलाव करें। IFSC की जाँच करें। ऑनलाइन बैंकिंग करना जारी रखें। पैसे ट्रांसफर करने में कोई समस्या नहीं होगी। लोन EMI को समय पर भरें। सब कुछ ठीक रहेगा। धैर्य रखें। बैंक कर्मचारी आपकी मदद करेंगे। Helpline पर कॉल करें।
मर्जर के बाद बैंक की स्थिति क्या होगी?
नया बैंक बहुत बड़ा होगा। ब्रांच देश भर में। विदेश में भी प्रवेश। विज्ञान आधुनिक है। UPI और नेट बैंकिंग की तेजी ग्राहक ऐप से सब कुछ नियंत्रित करेंगे। कस्टमर केयर 24×7। लोन प्रक्रिया तेज है। FD दर तुलनीय है। SBI के समान यह चैंपियन बनेगा। भारत का बैंकिंग क्षेत्र मजबूत होगा।
क्या भविष्य में हो सकता है?
सरकार और बैंक मर्जर कर सकते हैं। 12 से कम करो। लेकिन अभी यूनियन और BOI पर ध्यान है। अर्थमंत्री की बात स्पष्ट है। भारत के बड़े बैंक, बलशाली देश। ग्राहक लाभान्वित होंगे। अर्थव्यवस्था उज्ज्वल होगी। यह एक सही चाल है।